अचानक आग लग जाए तो कैसे बुझाएं

सुंडला (चंबा)। उपमंडल सलूणी की 46 पंचायतों में आगजनी से निपटने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर से कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। इसके चलते यहां पर आगजनी की घटनाओं से करोड़ों रुपये स्वाह हो चुके हैं। स्थानीय बाशिंदों पवन कुमार, देस राज, चमन लाल, विनय कुमार, दीपक, कपिल डोगरा, नेक चंद, दिलो राम, सुभाष कुमार, किशोरी लाल, भगत राम, जगदीश कुमार, मुकेश कुमार, बाल कृष्ण और रमेश ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि सुंडला में अग्निशमन केंद्र खोला जाए। सुंडला उपमंडल सलूणी की 46 पंचायतों का केंद्र बिंदू हैं अगर यहां पर अग्निशमन केंद्र खुलता है तो आगजनी की घटनाओं पर समय रहते काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अग्निशमन केंद्र न होने के कारण यहां पर आगजनी की घटना होने पर 27 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय या फिर 40 किलोमीटर दूर स्थित डलहौजी से अग्निशमन की गाड़ी मंगवानी पड़ती है। फायर ब्रिगेड की गाड़ी को यहां पहुंचने में पौना घंटा लग जाता है तब तक यहां सब कुछ स्वाह हो चुका है। सितंबर में सुंडला में एक मकान में अचानक आग लग गई थी। इससे लगभग 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। इसके बाद गत गत माह बरंगाल में एक कंपलेक्स में आग लगने से स्थानीय पंचायत के प्रधान के लगभग दो करोड़ रुपये आग की भेंट चढ़ गए हैं। लगभग चार साल पहले सुंडला में दो दर्जन से ज्यादा दुकानेें व दो मकान जल गए थे। इससे करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया था। उन्होंने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से मांग की है कि सुंडला में अग्निशमन केंद्र खोला जाए।

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